अक्सर मेरे मस्तिष्क में यादों का समंदर बहता है, जिसकी लहरे मुझे अक्सर विचलित कर जाती है ।।
यादें एक छोटा सा शब्द पर हमारे खुश या दुखी होने के लिये एक जेसे सागर की लहर, जो हमे अपने साथ बहा कर ले जाती है,और वहा से लौटकर वापस आना बहुत ही मुश्किल सा हो जाता है।।
हमारा अतीत हमे हमेशा अच्छी और कई बुरी यादों से ओतप्रोत रखता है, अच्छी यादें हमेशा हमें खुशी के झरने में नहलाती हमे आनंदित करती, खुशी की यादों मे नहा कर जब हमारी आँखे भर भी आये तो वो मोती सी लगती है, परंतु हमारे जीवन में कई यादें एसी होती है जो हमे अक्सर गम के सागर मे डुबो देती है,हम चाह कर भी वहा से निकल नही पाते, खुद को उसके लिये कोसते रहते है ।
क्युकी "अक्सर लोग बदल जातें है,बस यादें नहीं बदलती है" ||
परन्तु हमारा जीवन तो दो पहियो पर चलता है,एक सुख के और दूसरे दुख के,तुम हम हमेशा सुख की ही कामना क्यू करतें है, सुख मे ही क्यू जीना चाहते है,हम पर दुख का भी तो उतना ही अधिकार है ।।
कई बार में खुद ही खुद में हसने लगती हूं, तो कई बार खुद ही खुद परेशान हो जाती हूँ,और बस यही कहती हूँ कम्बखत ये समय बिताता क्यू नही ये यादे जाती क्यू नही मेरा इनसे अब कोई वास्ता नही।।
पर जब खुद की यादों से हार जाती हूं और यही सोचती हूं, सब मस्तिष्क का खेल है, मेरे विचार मेरे दुश्मन बन गये है मुझे खुद को इनसे बाहर निकालना होगा।
हम अक्सर दुनिया के सामने बड़े बन जातें है हमारा मस्तिष्क हमे कई जगह बच्चा बना देता है जो अकसर बेवजह सोच सोच कर हमे जीवन से खेलता है ।हमारे जीवन मे यादें होना बहुत आवश्यक है परन्तु वो यादें हमे कभी हमारे भविष्य को आलिंगन करने ना रोके।। मस्तिष्क हमारा है हमे ही इसे काबू मे रखना होगा । यादों को बेशक जिये परंतु अपने जीवन पर कभी हावी ना होने दे । कई यादें हमरे जीने का सहारा होती है,तो कई यादें जिवन के लिये शापित बन जाती है और हमारे जीवन को खत्म करने का कारण बन जाती है ।
खुल कर जिए अच्छी यादों के साथ और बुरी यादों से खुद को दूर रखे ।।
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