Monday, December 9, 2019

उड़ जाना है...

बनकर पँछी कही दूर उड़ जाऊँ...
   सोचती हूँ, फिर देर रात तक ना आऊँ ।।
अपनी दुनिया वादियो मे जा बसाऊ... 
   एक खुबसूरत सी दुनिया पहाडों  में बनाऊ।।
थक चुकी हूँ इस दिखावी दुनिया से...
   मुझे उड़ जाना है यहा से...